भालु और लोमड़ी की मजेदार कहानी
भालू और लोमड़ी की मजेदार कहानी
बहुत समय पहले की बात है, एक घने जंगल में एक भालू और एक चालाक लोमड़ी रहते थे। भालू सीधा-साधा था और जो भी मिलता, उसी में खुश रहता था। वहीं, लोमड़ी बहुत चालाक और चालबाज थी। वह हमेशा दूसरों को धोखा देकर अपना फायदा उठाने की सोचती थी।
मीठे फल का लालच
एक दिन भालू और लोमड़ी जंगल में घूम रहे थे। रास्ते में उन्हें एक पेड़ पर खूब सारे मीठे फल लगे हुए दिखे। भालू ने खुशी से कहा,
"वाह! कितने मीठे फल हैं। चलो इन्हें मिलकर खाते हैं।"
लोमड़ी की नीयत खराब थी। उसने सोचा, "अगर मैं चालाकी करूं, तो सारे फल सिर्फ मुझे ही मिल सकते हैं।" उसने भालू से कहा,
"भालू भाई, तुम तो बहुत भारी-भरकम हो। अगर तुम पेड़ पर चढ़ोगे, तो डाल टूट जाएगी। बेहतर होगा कि मैं चढ़कर फल तोड़ लाऊं और हम दोनों मिलकर खाएंगे।"
भालू को लोमड़ी की बात ठीक लगी। उसने कहा, "ठीक है, लोमड़ी बहन, तुम पेड़ पर चढ़ जाओ।"
लोमड़ी की चालाकी
लोमड़ी फुर्ती से पेड़ पर चढ़ गई और सबसे मीठे फल खाने लगी। उसने सोचा, "क्यों न सारे फल मैं ही खा लूं और भालू को नीचे ही इंतजार करने दूं?" वह मजे से फल खाती रही और भालू को एक भी फल नहीं दिया।
भालू ने नीचे से पूछा, "अरे लोमड़ी बहन, मेरे लिए भी कुछ फल फेंको।"
लोमड़ी ने चालाकी से जवाब दिया, "भालू भाई, मैं अभी सबसे मीठे फल चुन रही हूँ। जैसे ही अच्छे फल मिलेंगे, मैं तुम्हें दे दूंगी।"
पर लोमड़ी को तो बस खुद के पेट की फिक्र थी। वह लगातार फल खाती रही और एक भी फल भालू को नहीं दिया। भालू को समझ आ गया कि लोमड़ी उसे बेवकूफ बना रही है।
भालू की होशियारी
अब भालू को गुस्सा आ गया। उसने एक तरकीब सोची। वह पेड़ के नीचे जोर-जोर से उछलने लगा और दहाड़ते हुए कहा,
"अरे लोमड़ी, जल्दी नीचे आओ! मैंने सुना है कि इस पेड़ पर एक भूत रहता है। जो ज्यादा देर तक इस पर बैठता है, उसे भूत पकड़ लेता है!"
लोमड़ी डर गई और जल्दी-जल्दी नीचे उतरने लगी। पर हड़बड़ी में उसका पैर फिसल गया और वह धड़ाम से नीचे गिर पड़ी। भालू पहले से तैयार था। उसने झटपट सबसे मीठे फल उठा लिए और हंसते हुए बोला,
"चालाकी हमेशा नहीं चलती, लोमड़ी बहन! अब मैं इन फलों का मजा लूंगा।"
लोमड़ी को अपनी गलती समझ में आ गई, लेकिन अब कुछ नहीं हो सकता था। वह खाली पेट वहाँ से चल दी और भालू ने मीठे फलों का आनंद लिया।
शिक्षा:
इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि चालाकी और धोखा हमेशा काम नहीं आते। ईमानदारी और होशियारी से ही असली सफलता मिलती है।
Good story 👏
ReplyDeleteGood story 👏
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