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पप्पू की शाही शादी

  पप्पू की शाही शादी गाँव में पप्पू की शादी की बड़ी धूम थी। पूरा गाँव जानता था कि पप्पू की बुद्धि उतनी तेज़ नहीं थी, लेकिन उसकी शादी हो रही थी, ये ही सबसे बड़ी उपलब्धि थी। बारात जाने से पहले पप्पू की माँ ने उसे खास हिदायत दी, "बेटा, शादी में कुछ उल्टा-सीधा मत बोलना, और हाँ, फेरों के समय 'हाँ' ज़रूर कहना!" पप्पू ने जोश में सिर हिला दिया, "हाँ माँ, मैं बिल्कुल चुप रहूँगा!" बारात धूमधाम से दुल्हन के घर पहुँची। बैंड-बाजे, पटाखे, और ढोल-नगाड़ों के साथ ऐसी एंट्री मारी कि पूरी गली में ट्रैफिक जाम हो गया। पप्पू घोड़ी से उतरा और सीधा खाने की टेबल पर जा बैठा। लड़की के भाई ने कहा, "भैया, पहले जयमाला होगी, फिर खाना!" पप्पू बोला, "अच्छा! तो जलेबी भी जयमाला के बाद ही मिलेगी?" सभी लोग हँस पड़े। किसी तरह जयमाला हुई, और फिर शादी के फेरे शुरू हुए। पंडित जी मंत्र पढ़ रहे थे, और पप्पू ध्यान से देख रहा था कि कब "हाँ" कहना है। जैसे ही सातवाँ फेरा पूरा हुआ, पंडित जी बोले, "अब वर 'हाँ' बोले!" पप्पू की माँ ने उसे इशारा किया, औ...

लालू जी की अनोखी जुगाड़बाज़ी

  लालू जी की अनोखी जुगाड़बाज़ी गाँव के सबसे बड़े जुगाड़ू थे लालू जी। उनका मानना था कि ज़िंदगी में दो चीज़ें बहुत ज़रूरी हैं—स्मार्टनेस और फ्री की चीज़ें। एक दिन गाँव में मेला लगा। लालू जी की नज़र सीधे गुप्ता जी की जलेबी की दुकान पर पड़ी। लेकिन समस्या यह थी कि जेब में केवल दो रुपये थे, और जलेबी का रेट पाँच रुपये पाव था। लालू जी ने दिमाग़ दौड़ाया और बोले, "गुप्ता जी, आज मैं आपके लिए एक ज़बरदस्त ग्राहक लाऊँगा, बस मुझे आधा पाव जलेबी उधार दे दो।" गुप्ता जी बोले, "लालू, तेरा उधार का इतिहास बहुत लंबा है। पहले पुराना उधार चुकता कर, फिर बात कर।" लालू जी मुस्कुराए और बोले, "तो एक काम करो, मुझे एक जलेबी का छोटा टुकड़ा चखने दो। अगर मज़ा आ गया, तो पूरा आधा पाव ख़रीद लूँगा!" गुप्ता जी को ये आइडिया ठीक लगा। उन्होंने एक गरमागरम जलेबी का टुकड़ा लालू जी के हाथ में रख दिया। लालू जी ने धीरे-धीरे उसे चबाया और ज़ोर से बोले, "वाह! गुप्ता जी, आपकी जलेबी में तो गजब का स्वाद है!" इतने में वहाँ भीड़ इकट्ठा हो गई। सभी लोग लालू जी की बातें सुनने लगे। लालू जी ने अपना न...

शेर और बंदर की कहानी

  शेर और बंदर की कहानी बहुत समय पहले की बात है, एक घने जंगल में एक शक्तिशाली शेर रहता था। वह जंगल का राजा था और सभी जानवर उससे डरते थे। शेर को अपनी ताकत पर बहुत गर्व था, लेकिन वह अक्सर घमंड भी करता था। उसी जंगल में एक चतुर बंदर भी रहता था, जो अपनी बुद्धिमानी और चंचलता के लिए जाना जाता था। शेर का घमंड एक दिन शेर जंगल में घूम रहा था और जोर-जोर से गरज रहा था। वह सभी जानवरों को डराने में मज़ा लेता था। उसने ऊँची आवाज़ में कहा, "मैं इस जंगल का राजा हूँ! मेरी ताकत के आगे कोई नहीं टिक सकता। क्या कोई है जो मुझसे ज्यादा तेज या चालाक है?" सभी जानवर डरकर चुप हो गए। वे जानते थे कि शेर से बहस करना बेकार है। लेकिन बंदर चुप नहीं रह सका। वह सोचने लगा, "शेर ताकतवर जरूर है, लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह अपनी अक्ल से भी उतना ही तेज है!" बंदर ने हंसते हुए कहा, "महाराज, आप ताकत में तो सबसे बड़े हैं, लेकिन क्या आप उतने ही चालाक भी हैं?" शेर को यह सुनकर गुस्सा आ गया। उसने दहाड़ते हुए कहा, "बंदर! क्या तुम मेरी शक्ति पर सवाल उठा रहे हो? मैं तुम्हें एक ही झटके म...

मोर और कौवे की कहानी

  मोर और कौवे की कहानी बहुत समय पहले की बात है, एक घने जंगल में बहुत सारे पक्षी रहते थे। उनमें एक सुंदर मोर और एक साधारण काला कौवा भी था। मोर अपनी चमकदार पंखों के लिए प्रसिद्ध था, जबकि कौवा अपनी काली रंगत और कर्कश आवाज के कारण अन्य पक्षियों के बीच कम पसंद किया जाता था। कौवे की ईर्ष्या कौवा हमेशा मोर की सुंदरता से जलता था। वह सोचता, "भगवान ने मुझे इतना काला और साधारण बनाया, जबकि मोर को कितने सुंदर पंख दिए हैं! यह कितना अन्याय है!" हर बार जब मोर जंगल में अपने रंगीन पंख फैलाकर नाचता, सभी पक्षी उसकी प्रशंसा करते। कौवे को यह बिल्कुल पसंद नहीं था। वह हमेशा दुखी और चिढ़ा हुआ रहता। एक दिन उसने ठान लिया कि वह भी सुंदर बनेगा। <script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-6825679542970784"      crossorigin="anonymous"></script> सुंदर बनने की कोशिश कौवे को एक चालाक उपाय सूझा। उसने सोचा, "अगर मैं कुछ रंग-बिरंगे पंख इकट्ठा कर लूं और उन्हें अपने ऊपर चिपका लूं, तो मैं भी मोर की तरह दिख सकता हूँ!...

भालु और लोमड़ी की मजेदार कहानी

  भालू और लोमड़ी की मजेदार कहानी बहुत समय पहले की बात है, एक घने जंगल में एक भालू और एक चालाक लोमड़ी रहते थे। भालू सीधा-साधा था और जो भी मिलता, उसी में खुश रहता था। वहीं, लोमड़ी बहुत चालाक और चालबाज थी। वह हमेशा दूसरों को धोखा देकर अपना फायदा उठाने की सोचती थी। मीठे फल का लालच एक दिन भालू और लोमड़ी जंगल में घूम रहे थे। रास्ते में उन्हें एक पेड़ पर खूब सारे मीठे फल लगे हुए दिखे। भालू ने खुशी से कहा, "वाह! कितने मीठे फल हैं। चलो इन्हें मिलकर खाते हैं।" लोमड़ी की नीयत खराब थी। उसने सोचा, "अगर मैं चालाकी करूं, तो सारे फल सिर्फ मुझे ही मिल सकते हैं।" उसने भालू से कहा, "भालू भाई, तुम तो बहुत भारी-भरकम हो। अगर तुम पेड़ पर चढ़ोगे, तो डाल टूट जाएगी। बेहतर होगा कि मैं चढ़कर फल तोड़ लाऊं और हम दोनों मिलकर खाएंगे।" भालू को लोमड़ी की बात ठीक लगी। उसने कहा, "ठीक है, लोमड़ी बहन, तुम पेड़ पर चढ़ जाओ।" लोमड़ी की चालाकी लोमड़ी फुर्ती से पेड़ पर चढ़ गई और सबसे मीठे फल खाने लगी। उसने सोचा, "क्यों न सारे फल मैं ही खा लूं और भालू को नीचे ही इंतजार करने ...

शेर की मजेदार कहानी

  शेर की मज़ेदार कहानी – "घमंडी शेर और चालाक खरगोश" जंगल में एक शेर रहता था जो बहुत घमंडी था। वह खुद को जंगल का राजा समझता और रोज़ जानवरों को डराता। एक दिन, शेर ने जंगल के सभी जानवरों को बुलाया और कहा, "हर दिन एक जानवर मेरे खाने के लिए आएगा, नहीं तो मैं सबको खा जाऊँगा!" बिचारे जानवर डर गए और हर दिन एक जानवर शेर के भोजन के लिए जाने लगा। चालाक खरगोश की बारी एक दिन, खरगोश की बारी आई। लेकिन खरगोश बहुत चालाक था। उसने सोचा, "अगर मैं सीधे शेर के पास गया, तो खत्म! कुछ करना पड़ेगा!" वह धीरे-धीरे चलते-चलते बहुत देर से पहुँचा। शेर गुस्से में दहाड़ा, "तू इतनी देर से क्यों आया? अब मैं तुझे छोड़ूंगा नहीं!" खरगोश डरने के बजाय बोला, "महाराज, रास्ते में एक और शेर मिल गया! उसने कहा कि वह असली राजा है, और वह आपको चुनौती देना चाहता है!" शेर गुस्से में लाल-पीला हो गया और चिल्लाया, "कहाँ है वो? मुझे दिखाओ!" शेर की बेवकूफी खरगोश शेर को एक कुएँ के पास ले गया और कहा, "महाराज, वह इसी कुएँ में छिपा है!" शेर ने कुएँ में झाँका, तो उ...

मजेदार कहानियां

  बच्चों के लिए मज़ेदार कहानियाँ (Funny Stories for Kids in Hindi) 1. शेर की सवारी एक दिन, एक आदमी जंगल से गुजर रहा था। अचानक, एक शेर उसके पीछे दौड़ पड़ा! आदमी डर के मारे भागने लगा, लेकिन भागते-भागते उसका पैर फिसल गया और वह शेर की पीठ पर जा गिरा! शेर घबरा गया और तेज़ दौड़ने लगा। जंगल के लोग चिल्लाने लगे, "वाह! देखो, यह आदमी शेर की सवारी कर रहा है!" आदमी भी ज़ोर से चिल्लाया, "अरे! यह सवारी नहीं, मैं तो जान बचा रहा हूँ!" सीख: हमेशा सतर्क रहो, नहीं तो हंसी की बात बन सकती है! 2. आलसी लड़का और घड़ी मोनू बहुत आलसी था। उसकी माँ ने उसे सुबह जल्दी उठने के लिए एक अलार्म घड़ी दी। मोनू ने सोचा, "अब यह रोज़-रोज़ मुझे परेशान करेगी!" अगली सुबह, घड़ी बजने लगी – "ट्रिंग ट्रिंग!" मोनू ने घड़ी उठाई और खिड़की से बाहर फेंक दी। नीचे से आवाज़ आई – "अरे! ये घड़ी किसने फेंकी?" मोनू मुस्कराया और बोला, "लगता है, घड़ी भी भागना चाहती थी!" सीख: मेहनत से बचने की आदत हमें ही नुकसान पहुँचाती है। 3. हाथी और चूहे की दोस्ती एक बार एक हाथी और ...